यहाँ घर में,कांता के मोबाइल में भी आठ आँखें बड़े गौर से उस वीडियो को देखने में व्यस्त हैं ।
वीडियो का अंत होते होते पिता जी के मुख से निकल ही गया, कि इसीलिए लड़कियों को बाहर भेजने में डर लगता है।
अब तो हम अपनी सोना को क्या ही बाहर पढ़ाएंगे ?
शांता अवाक और स्तब्ध रह गई ।
**जिज्ञासा सिंह**