गागर में सागर
मेरे इस ब्लॉग में मेरी कहानियों और लेखों का संग्रह है, आशा है अपको रुचिकर लगेंगे-
अन्य ब्लॉग
(यहां ले जाएं ...)
जिज्ञासा की जिज्ञासा
जिज्ञासा के गीत
▼
(यहां ले जाएं ...)
मुख्य ब्लॉग पर जाएँ
▼
कुछ तो गड़बड़ है !
›
धड़कता सा क्यूँ है? आज मेरा दिल। क्या परेशानी है? सुबह-सुबह मैं हैरान सी क्यूँ हैं? कुछ तो गड़बड़ है, वीणा स्नानघर में कपड़े धोते हुए पा...
24 टिप्पणियां:
बेला की लड़ियाँ
›
मुझे गजरा बहुत पसंद है, वो जब आता है शाम को.. अक्सर उसके हाथ में बेला की लड़ियाँ होती हैं, वो आता ही कितना है, आर्मी में है न... कोई ब...
18 टिप्पणियां:
ममत्व लघु कथा
›
रिमझिम बूंदों को महसूस करने के लिए नंदनी ने ज्यों ही बरामदे से आँगन की तरफ कदम बढ़ाया, छत पर जाने वाली सीढ़ी के कोने में उसे कुछ हिलता ...
8 टिप्पणियां:
पहचान … लघु कथा
›
अखबार का पन्ना पलटते ही विमला की दृष्टि अचानक उसमें छपी, हुई एक फोटो पर गई,और वो पहचानने की कोशिश में लगने ही वाली थी, कि उसे याद आ ग...
20 टिप्पणियां:
विधवा की बिंदी… लघु कथा
›
बिट्टन की शादी में कम्मो बुआ के आते ही जो खसुर-फुसुर शुरू हुई वो विदाई के बाद भी रुकने का नाम नहीं ले रही। कहीं नन्ही की अम्मा, तो कहीं ...
12 टिप्पणियां:
देर आए दुरुस्त आए … लघु कथा
›
मिठाई का डिब्बा लिए आज कलुआ को देखा, आश्चर्य से भर गई । मन सोचते हुए उस पुरानी घटना पर अटक गया और सोचने लगी कि अरे कैसे उस दिन इन्होंने कल...
6 टिप्पणियां:
एक पाती भाई के नाम
›
आदरणीय भैया, सादर प्रणाम ! आशा ही नहीं पूर्ण विश्वास है, कि आप भाभी और बच्चों के साथ कुशल से होंगे, इधर कई दिनों से सोचने के ब...
4 टिप्पणियां:
‹
›
मुख्यपृष्ठ
वेब वर्शन देखें