गागर में सागर
मेरे इस ब्लॉग में मेरी कहानियों और लेखों का संग्रह है, आशा है अपको रुचिकर लगेंगे-
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इकलौता बेटा- कहानी
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“गहराई नापना उसकी फ़ितरत थी अब वो क्या जाने ? उसे कितने गहरे उतरना होगा असल गहराई नापने के लिए… वह उतर चुकी है उस अंजान सागर की असल गहरा...
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पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती थी परम्परा
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प्रकृति दर्शन पत्रिका में प्रकाशित आलेख:- “ बावड़ी,तालाब,पोखर,कूप, नदियाँ। ढूँढते अस्तित्व हैं, घर, गाँव, गलियाँ । बरस कुछ पहले थे खुश, आबा...
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स्त्री-सशक्तिकरण
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रीनू आज बहुत परेशान है ? आधे घंटे से बर्तन धोती जा रही और दुपट्टे के किनारे से अपने आँसुओं को पोंछती जा रही । राधिका अभी-अभी स्त्री-...
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हिस्सेदार
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“मैम ! आप नहीं गईं मेडिकल कॉलेज .. गीता मैम को देखने .. सारी टीचर्स गयी हैं आज । ” जूनियर टीचर शैली ने प्रि...
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परीक्षा
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“बेटा ! ये जो मेज पर प्लेट में धुले हुए, दो सेब रखे है, जाओ एक दादी माँ को दे दो एक तुम खा लेना ।” शगुन ने बेटे से कहा । बेटे ने सेव उठाया औ...
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साँचे
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“मिट्टी का लोंदा उलट-पलट कर एक सार कर लिया है।” “बस चाक पर चढ़ा दूँ और बर्तन तैयार।” “आओ बैठो न..। तुम्हें रूप बदलना सिखाती हूँ। इस लोंदे ...
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ऑफ़िस का मौन.. लघुकथा
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स्वप्निल लगातार बोले जा रहा था… “तुम कहती हो कि मेरे अंदर धैर्य नहीं, बिलकुल भी संयम नहीं ! अरे तुम क्या जानो ? जनोगी-सुनोगी-समझोगी, तभी न !...
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